देश की दिशा और दशा निर्धारित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के कंधों पर : नीरज सिंह
- rajeshprsd738
- 27 फ़र॰
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मुख्य अतिथि नीरज सिंह ने युवाओं और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि देश का भविष्य आज के युवाओं के सशक्त और सक्षम हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, इसलिए देश की दिशा और दशा निर्धारित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के कंधों पर है। यदि युवा संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, तो भारत विश्व नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
उन्होंने युवाओं को “युग का वाहक” बताते हुए कहा कि जिस दिशा में युवा शक्ति कदम बढ़ाती है, उसी दिशा में राष्ट्र और समाज का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निष्ठा, परिश्रम और अनुशासन को जीवन का आधार बनाएं। ज्ञान अर्जन के साथ-साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व देने की आवश्यकता है।
चिकित्सा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल केवल डॉक्टरों के प्रयास से नहीं चलता, बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। यदि डॉक्टर अस्पताल का मस्तिष्क हैं, तो नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ उसकी धड़कन हैं, जिनके बिना स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था अधूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विद्यार्थियों से करुणा, धैर्य और सेवा भाव को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।
भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश ने विश्व को योग और आयुर्वेद जैसी अमूल्य धरोहरें प्रदान की हैं। आज भारत चिकित्सा अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं और देश के युवा विश्व की अग्रणी कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभाकर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। यह बदलते भारत की नई तस्वीर है।
विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल शिक्षा प्राप्त करने नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक दूत बनकर विदेश जा रहे हैं। वे अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नैतिक मूल्यों से यह सिद्ध करेंगे कि आज का भारत ज्ञान, नवाचार और नेतृत्व की भूमि है।
अंत में मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्रबंधन, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान द्वारा आगे बढ़ाई जा रही शैक्षणिक परंपरा देश-विदेश में भारत का नाम और गौरव बढ़ाएगी। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने सभी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय और समर्पित भूमिका निभाने का संदेश दिया।


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